पतंजलि लिवर टैबलेट | Patanjali Liver Medicine

पतंजलि लिवर टैबलेट: नमस्कार दोस्तों कैसे है आप सभी? मैं आशा करता हु की आप सभी अच्छे ही होंगे. दोस्तों लीवर हमारे शारीर का एक ऐसा अंग है जिसके ख़राब होने पर इंसान की मौत भी हो सकती है, ऐसे में यदि आप को लीवर में कोई समस्या का अनुभव हो रहा हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे और इलाज करवाए.

वैसे तो बाजार में बहुत सारे लीवर से सम्बंधित दवाइयां उपलब्ध है परन्तु किसी भी दवाई को बिना डॉक्टर के सलाह के लेना नुक्सान देह हो सकता है इसी लिए हमेशा किसी भी प्रकार की दवा लेने के लिए डॉक्टर से जरुर सम्पर्क करे.

पतंजलि लिवर टैबलेट | Patanjali Liver Medicine
पतंजलि लिवर टैबलेट | Patanjali Liver Medicine

बहुत सारे चिकित्सको और विद्वानों का ये कहना है की आन्तरिक बिमारियों के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां ही सबसे फायदेमंद होती है, और पतंजली एक ऐसा ही ब्रांड है जो अपने लगभग सभी उत्पाद या दवाइयां आयुर्वेदिक तरीके से बनता है.

आज के इस आर्टिकल में मैं आप को पतंजलि लिवर टैबलेट (Patanjali Liver Medicine) के बारे में बताने जा रहा हु जो की आपके लीवर के बिमारियों से लड़ने के लिए सबसे अच्छे आयुर्वेदिक दवाइयों में से एक है. इस आर्टिकल में हम पतंजलि लिवर टैबलेट में उपलब्ध सामग्री, उनके लाभ और साइड इफेक्ट्स के बारे में जानेंगे.

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1 पतंजलि लिवर टैबलेट | Patanjali Liver Medicine

पतंजलि लिवर टैबलेट | Patanjali Liver Medicine

दोस्तों निचे मैंने दो प्रमुख पतंजलि लिवर टैबलेट (Patanjali Liver Medicine) के बारे में विस्तार से बताया है जैसे की उनमे उपलब्ध सामग्री, उनके लाभ, उन्हें कैसे लेना है, और उनके साइड इफेक्ट्स, आदि.

1. Patanjali Divya Liv D 38 Tablet

पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट एक ओवर-द-काउंटर आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से फैटी लीवर के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य समस्याओं के लिए भी पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट का इस्तेमाल किया जा सकता है, उनके बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।

पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट के मुख्य घटक भृंगराज, बरुहल्दी, अर्जुन, गिलोय, पुनर्नवा हैं जिनकी प्रकृति और गुणों का उल्लेख नीचे किया गया है। पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट की उचित खुराक रोगी की उम्र, लिंग और उसकी पिछली स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी खुराक अनुभाग में विस्तार से दी गई है।

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet की सामग्री | Patanjali Divya Liv D 38 Tablet Active Ingredients in Hindi

सामग्रीके बारे मेंफायदे
भृंगराजपाचन क्रिया और पेट को आराम देने वाले घटक।पदार्थ या दवा जो लिवर के सामान्य कार्य की रक्षा करने में फायदेमंद है।
दारुहल्दीये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
अर्जुनरक्‍त वाहिकाओं में संकुचन पैदा करने वाले घटक जिससे उस हिस्‍से में रक्‍त प्रवाह में कमी आती है।वे दवा या तत्व जो रक्त में लिपिड की मात्रा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने और हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है।
गिलोयवह दवा या तत्व जो बुखार में शरीर के तापमान को कम करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं।प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने वाले पदार्थ।
पुनर्नवाअस्‍थमा की बीमारी में अस्‍थमा के लक्षणों के रोकने के लिए इस्‍तेमाल होने वाली दवा।एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet के लाभ | Patanjali Divya Liv D 38 Tablet Benefits in Hindi

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet इन बिमारियों के इलाज में काम आती है –

  • फैटी लिवर
  • पीलिया
  • एनीमिया
  • भूख न लगना
  • लिवर रोग

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet की खुराक | Patanjali Divya Liv D 38 Tablet Dosage in Hindi

यह पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट की खुराक है जिसे ज्यादातर मामलों में दिया जाना है। कृपया याद रखें कि हर मरीज और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए, रोग, प्रशासन की विधि, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर, पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट की खुराक भिन्न हो सकती है।

आयु वर्गखुराक
व्यस्कमात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
खाने के बाद या पहले: खाने से पहले
अधिकतम मात्रा: 2 टैबलेट
लेने का तरीका: गुनगुना पानी
दवा का प्रकार: टैबलेट
दवा लेने का माध्यम: मुँह
आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
दवा लेने की अवधि: 4 हफ्ते
बुजुर्गमात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
खाने के बाद या पहले: खाने से पहले
अधिकतम मात्रा: 2 टैबलेट
लेने का तरीका: गुनगुना पानी
दवा का प्रकार: टैबलेट
दवा लेने का माध्यम: मुँह
आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार
दवा लेने की अवधि: 4 हफ्ते

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स | Patanjali Divya Liv D 38 Tablet Side Effects in Hindi

चिकित्सा साहित्य में पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट के दुष्प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, पतंजलि दिव्य लिव डी 38 टैबलेट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet से सम्बंधित चेतावनी – Patanjali Divya Liv D 38 Tablet Related Warnings in Hindi

क्या Patanjali Divya Liv D 38 Tablet का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?

Divya Liv D 38 Tablet के सुरक्षा या साइड इफेक्ट्स के बारे में किसी प्रकार की कोई रिसर्च नहीं हो पाई है। इसलिए इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है, आप इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

क्या Patanjali Divya Liv D 38 Tablet का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?

स्तनपान कराने वाली औरतों पर Divya Liv D 38 Tablet के प्रभाव के बारे में कोई शोध नहीं की गई है, इसलिए इस बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। दवा लेते समय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

Patanjali Divya Liv D 38 Tablet का पेट पर क्या असर होता है?

दिव्या लिव डी 38 टैबलेट का सेवन आप बिना किसी डर के कर सकते हैं। यह पेट के लिए सुरक्षित है।

क्या Patanjali Divya Liv D 38 Tablet का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?

दिव्या लिव डी 38 टैबलेट को बच्चों के लिए सुरक्षित माना जाता है।

क्या Patanjali Divya Liv D 38 Tablet शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?

दिव्या लिव डी 38 टैबलेट लेने के बाद चक्कर या उनींदापन नहीं होता है। तो आप वाहन चला सकते हैं या मशीनरी का उपयोग भी कर सकते हैं।

क्या Patanjali Divya Liv D 38 Tablet का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?

नहीं, Divya Liv D 38 Tablet को लेने से कोई लत नहीं पड़ती। हालांकि, दिव्या लिव डी 38 टैबलेट का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करें।

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2. लिव अमृत टैबलेट | Patanjali Liv Amrit Tablet

पतंजलि लिवामृत टैबलेट फैटी लीवर, हेपेटाइटिस, भूख न लगना, एनीमिया में उपयोगी है। लीवर के स्वास्थ्य के लिए एक आयुर्वेदिक उपाय, यह एक अनूठा हर्बल फार्मूला है, जिसके घटक यकृत कोशिकाओं के प्रभावी विषहरण में योगदान करते हैं।

हेपाटो सुरक्षात्मक और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव का उद्देश्य हेपेटाइटिस, पीलिया, एनीमिया और भूख विकारों जैसे रोगों का इलाज करना है। इसका उपयोग सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा बाधा को बढ़ाता है, जो यकृत कोशिकाओं को और अधिक नुकसान के जोखिम को रोकता है।

लिव अमृत टैबलेट के फायदे | Patanjali Liv Amrit Tablet Benefits In Hindi

लिव अमृत पतंजलि लिवर टैबलेट फैटी लीवर, हेपेटाइटिस, भूख न लगना, एनीमिया जैसे रोगों में बहुत ही ज्यादा उपयोगी है.

लिव अमृत टैबलेट की सामग्री | Patanjali Liv Amrit Tablet Ingredients In Hindi

  • पुनर्नवा (बोरहविया डिफ्यूसा),
  • भूमि अमलाकी (फिलेंथस निरुरी),
  • भृंगराज (एक्लिप्टा अल्बा),
  • ब्लैक नाइटशेड (सोलनम नाइग्रम),
  • गुडुची (टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया),
  • यष्टिमधु (ग्लाइसीराइजा ग्लबरा)।
Disclaimer : यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। यहाँ पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। चिकित्सा परीक्षण और उपचार के लिए हमेशा एक योग्य चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। HindiQueries.Com इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Conclusion

मैं उम्मीद करता हूँ कि अब आप लोगों को पतंजलि लिवर टैबलेट (Patanjali Liver Medicine) से जुड़ी सभी जानकरियों के बारें में पता चल गया होगा। यह लेख आप लोगों को कैसा लगा हमें कमेंट्स बॉक्स में कमेंट्स लिखकर जरूर बतायें। साथ ही इस लेख को दूसरों के जरूर share करें, ताकि सबको इसके बारे में पता चल सके। धन्यवाद!

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