हल्दी दूध के फायदे और नुकसान | हल्दी दूध पीते है तो यह जरुर से पढ़े

हल्दी दूध के फायदे और नुकसान – एक ओर जहां हल्दी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन साथ ही इसके कुछ साइड-इफेक्ट भी हैं. हालांकि हल्दी तभी नुकसान करती है जब वो बहुत अधिक मात्रा में ली जाए.

हल्दी दूध के फायदे और नुकसान
हल्दी दूध के फायदे और नुकसान

कोरोना (Covid 19) से बचना हो, सर्दी हो या फिर चोट लग गयी हो. अभी तक आपने ये सुना होगा, कि हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk) पीने से फायदा होता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि हल्दी वाला दूध (Golden Milk) एंटीमाइक्रोबियल होता है. यानि वो दूध, जिसमें बैक्टीरिया और फफूंद जैसे सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी कम करने की क्षमता होती है. लेकिन हल्दी वाला ये दूध कुछ लोगों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. जिसके बारे में शायद आप न जानते हों.

आज के इस आर्टिकल में हम आप को हल्दी दूध के फायदे और नुकसान दोनों के ही बारे में विस्तार से बतायेंगे, अतः यदि आप हल्दी दूध पीते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े.

हल्दी वाला दूध आपके के लिए क्यों अच्छा है?

यह तो आपने कई बार सुना होगा कि हल्दी का दूध शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके लाभदायक कैसे है? चलिए, हम बताते हैं। दरअसल, हल्दी में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं और दूध कैल्शियम से भरपूर होता है। जब आप दूध और हल्दी दोनों को एक साथ मिला देते हैं, तो दोनों में मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के साथ ही भरपूर ऊर्जा भी देते हैं।

हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) कंपाउंड यानी पॉलीफेनोल भी होता है, जो आपके शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद करता है। करक्यूमिन बीमारियों की रोकथाम के लिए फायदेमंद तो होता है, लेकिन इसे अवशोषित (Absorb) करना शरीर के लिए मुश्किल होता है। इसके अच्छे से अवशोषण के लिए इसे काली मिर्च और वसायुक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध और घी के साथ मिलाने की सलाह दी जाती है।

हल्दी दूध के फायदे | Benefits of Turmeric Milk in Hindi

1. पाचन

पेट और पाचन शक्ति के ठीक से काम न करने पर इसका असर आपके शरीर पर तेजी से पड़ता है। ऐसे में हल्दी का दूध आपकी आंतों को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर करने में मदद कर सकता है। दरअसल, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी इंफ्लेमेटरी गुण की तरह काम करता है, जो आंत संबंधी बीमारियों को दूर करने में शरीर की सहायता करता है।

2. जोड़ों का दर्द

हर्बल चाय और गोल्डन मिल्क कहलाने वाले हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों और गठिया के दर्द को कम कर सकते हैं। साथ ही हल्दी दूध में एंटी-अर्थराइटिस गुण भी पाए जाते हैं, जो जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

3. अनिद्रा

अनिद्रा की परेशानी लोगों में काफी बढ़ती जा रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए आप हल्दी दूध का सेवन कर सकते हैं। विभिन्न अध्ययनों से यह स्पष्ट भी हुआ है कि करक्यूमिन अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति में याददाश्त को भी ठीक करता है। ऐसे में जब भी आपको नींद न आए, तो आप हल्दी-दूध पिएं या हर रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

4. कैंसर

कैंसर सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है, जिससे बचाव करना बेहद जरूरी है। ऐसे में आप हल्दी-दूध का सेवन कर सकते हैं। हल्दी-दूध में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्दी वाला दूध प्रोस्टेट और पेट के कैंसर के खतरे को कम कर सकता है या उन्हें बढ़ने से रोक सकता है। यह डीएनए को नुकसान पहुंचाने वाले कैंसर कोशिकाओं के प्रभाव को कम करता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।

5. हड्डी स्वास्थ्य

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी होता है। दूध में कैल्शियम होता है, जो आपकी हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है। हल्दी वाला दूध हड्डियों के नुकसान और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी संबंधी रोग) की आशंका को कम कर सकता है।

6. डायबिटीज

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है, इसलिए इसे डायबिटीज के रोकथाम में उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा, यह डायबिटीज संबंधी लीवर विकारों को भी रोकने में अहम भूमिका निभाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन डायबिटीज से संबंधित आम समस्या इंफ्लेमेशन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को भी कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक डायबिटीज-1 के मरीजों को 3 माह तक प्रतिदिन 5 ग्राम हल्दी देने से उनका रक्त शर्करा काफी हद तक कम हुआ है।

7. वजन घटाने के लिए

व्यस्त दिनचर्या, बाहर का खाना, लंबे वक्त तक कुर्सी पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, तनाव और ऐसे ही कई कारणों की वजह से लोग मोटापे की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। जैसे-जैसे वजन बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर बीमारियों से घिरता चला जाता है। ऐसे में हल्दी दूध आपकी मदद कर सकता है।

हल्दी का दूध फैट को कम कर सकता है, जिससे आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) अधिक वजन वाले लोगों में वजन नियंत्रण का काम कर सकता है।

8. सर्दी और खांसी

बदलते मौसम और कमजोर इम्यूनिटी की वजह से सर्दी-जुकाम होना आम बात है। ऐसे में कई बार घरेलू नुस्खे जादू की तरह काम करते हैं और हल्दी-दूध भी उन्हीं में से एक है। हल्दी युक्त दूध अपने एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण सर्दी और खांसी को ठीक करने के लिए उपयोगी माना जाता है। यह गले की खराश, खांसी और जुकाम से तुरंत राहत देता है। अगर आप हर रोज हल्दी-दूध का सेवन करेंगे, तो जल्द ही ठंड से शरीर को बचा सकते हैं।

9. हृदय स्वास्थ्य

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन हमारे शरीर में गुड साइटोकिन्स (एक तरह के प्रोटीन) को हमारे शरीर में निकलने से रोकता है, जिनकी वजह से हृदय संबंधी (कार्डियोवस्कुलर) रोग उत्पन्न होते हैं। वहीं, अदरक का हल्दी के साथ इस्तेमाल करने से भी हृदय संबंधी बीमारी बढ़ाने वाले जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है। अदरक में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।

10. इंफ्लेमेशन

हल्दी दूध में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को इंफ्लेमेशन से लड़ने में मदद देते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउंड इंफ्लेमेशन की वजह से होने वाले गठिया और अन्य बीमारी जैसे चर्म रोग से बचाव करते हैं। इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में ‘प्राकृतिक एस्पिरिन’ के रूप में भी जाना जाता है, जो सूजन और दर्द को ठीक कर सकता है।

11. मस्तिष्क स्वास्थ्य

हल्दी वाले दूध में मौजूद करक्यूमिन आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह दिमाग से संबंधित अवसाद और अल्जाइमर (याददाश्त का जाना) के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। यह पार्किंसंस रोग (दिमागी विकार) को दूर करने में भी मदद कर सकता है।

12. इम्यूनिटी

हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन बतौर इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट काम करता है। यह टी कोशिकाओं व बी कोशिकाओं समेत शरीर में मौजूद सभी स्वस्थ कोशिकाओं को बढ़ावा देने में मदद करता है। इन सभी कोशिकाओं की मदद से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने में मदद मिलती है। करक्यूमिन शरीर में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को भी बढ़ावा देता है, जिसकी मदद से हमारा शरीर कई बीमारियों जैसे गठिया, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और अल्जाइमर से बचा रहता है। इसके अलावा, हल्दी वाले दूध के फायदे में आपको ठंड और गले की खराश से भी बचाना शामिल है।

13. डिटॉक्स

ज्यादातर लोगों को तला-भूना, मसालेदार या फिर जंक फूड खाना बहुत पसंद है, जिसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है। इसलिए, बॉडी को डिटॉक्सीफाई यानी शरीर में मौजूद विषाक्तता को हटाना जरूरी हो जाता है। ऐसे में हल्दी-दूध एक प्राकृतिक लिवर डिटॉक्सीफाई की तरह काम करता है, जिससे लिवर की कार्यप्रणाली तेज होती है।

14. त्वचा स्वास्थ्य

धूल-मिट्टी व प्रदूषण की वजह से त्वचा की चमक लगातार फीकी पड़ने लगती है। साथ ही स्किन संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में हल्दी-दूध आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दमकती त्वचा के लिए आप हल्दी दूध का सेवन कर सकते हैं या फिर आप हल्दी दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर लगा सकते हैं, जिससे आपका चेहरा चमकता रहेगा। इसके अलावा, इसमें मौजूद करक्यूमिन (curcumin) आपको स्किन कैंसर और अन्य संक्रमण से बचाता है। साथ ही त्वचा पर बुरा प्रभाव डालने वाले बैक्टीरिया से भी लड़ने में मदद करता है।

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हल्दी दूध के नुकसान – Side Effects of Turmeric Milk in Hindi

हल्दी के फायदे हम आपको पहले ही बता चुके हैं. एक ओर जहां हल्दी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है वहीं इसके कुछ साइड-इफेक्ट भी हैं. हालांकि हल्दी तभी नुकसान करती है जब वो बहुत अधिक मात्रा में ली जाए. हल्दी के फायदे जानने के साथ ही आपको इसके नुकसान भी पता होना बहुत जरूरी है:

1. गॉल ब्लेडर/पित्ताशय में समस्या
अगर आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई समस्या है तो हल्दी वाला दूध आपकी इस समस्या को और बढ़ा देगा. अगर आपकी पित्त की थैली में स्टोन है तो आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए.

2. ब्लीडिंग प्रॉब्लम
अगर आपको ब्लीडिंग प्रॉब्लम है तो हल्दी वाला दूध आपको नुकसान पहुंचा सकता है. ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को कम कर देता है जिससे ब्लीडिंग की समया और अधिक बढ़ सकती है.

3. मधुमेह की स्थिति में
हल्दी में एक रासायनिक पदार्थ करक्यूमिन पाया जाता है. जो ब्लड शुगर को प्रभवित करता है. ऐसे में अगर आपको मधुमेह है तो हल्दी वाला दूध पीने से परहेज करना ही बेहतर होगा.

4. नपुंसकता का कारण
हल्दी, टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर देती हैं. इससे स्पर्म की सक्रियता में कमी आ जाती है. अगर आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि हल्दी का सेवन संयमित रूप से करें.

5. आयरन का अवशोषण
हल्दी का बहुत अधिक सेवन करने से आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है. जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें बहुत सोच-समझकर हल्दी का सेवन करना चाहिए.

6. सर्जरी के दौरान
जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है. जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है. अगर आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें.


Disclaimer: सलाह यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें। HindiQueries.Com इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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