बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध

मेबेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध – नमस्कार दोस्तों कैसे है आप सभी? मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अछे ही होंगे. दोस्तों क्या आप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध लिखना चाहते हैं? यदि हाँ तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं। इस पोस्ट में हम आपके लिए Short Essay लेकर आये हैं जो की बहुत ही सरल भाषा में लिखे गये हैं। हमें उम्मीद है आपको ये मेरा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध पसंद आयेंगे। आप इस निबंध को स्कूल-कॉलेज या प्रतियोगिता आदि में लिख सकते हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (300 शब्द)

प्रस्तावना

हम सभी जानते हैं कि हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है और पुरुष-प्रधान देश है। यहाँ सदियों से स्त्रियों के साथ ज्यादतियां होते आई है। जब ईश्वर होकर माता सीता इस कुप्रथा से नहीं बच पायी, फिर हम तो मामूली इंसान है, हमारी क्या औकात।

ये पुरुष-प्रधान समाज लड़कियों को जीने नहीं देना चाहता। मुझे समझ नही आता, मैं इन मर्दो की सोच पर हंसु या क्रोधित होऊं। ये जानते हुए भी कि उनका अस्तित्व भी एक महिला के कारण ही है, फिर भी ये पुरुष समाज केवल पुत्र की ही कामना करता है। और अपने इस पागल-पन में न जाने कितनी लड़कियों का जीवन नष्ट किया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है।

देश में लगातार घटती कन्या शिशु-दर को संतुलित करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी। किसी भी देश के लिए मानवीय संसाधन के रुप में स्त्री और पुरुष दोनों एक समान रुप से महत्वपूर्ण होते है।

केवल लड़का पाने की इच्छा ने देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी है, कि इस तरह के योजना को चलाने की जरुरत आन पड़ी। यह अत्यंत शर्मनाक है।

यद्यपि स्त्रियों के साथ भेदभाव समूल विश्व में होता है। यह कुछ नया नहीं है। आज भी समान कार्य के लिए लड़कियों को अपेक्षाकृत कम वेतन दिए जाते है। कहीं अधिक काबिल होने के बाद भी।

उपसंहार

लड़कियों के साथ शोषण होने के पीछे मुख्य कारण अशिक्षा भी है। अगर हम पढ़े-लिखे शिक्षित होते हैं तो हमें सही-गलत का ज्ञान होता है। जब बेटियां अपने पैर पर खड़ी होंगी तो कोई भी उन्हें बोझ नहीं समझेगा।

इसीलिए ‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम’ के माध्यम से बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षित लोगों के साथ कुछ भी गलत करना आसान नहीं होता। लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो न अपने साथ कुछ गलत होने देगी और न ही किसी और के साथ होते देखेगी। इसीलिए लड़की का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (500 शब्द)

भूमिका

पृथ्वी पर हर जीव जन्तु का अस्तित्व नर और मादा दोनों के समान भागीदारी के बिना संभव नहीं है। मानव जाति के लिए पुरुष और महिला का योगदान होता है। किसी भी देश के विकास के लिए पुरुष और महिला का समान रूप से योगदान रहना जरूरी है अन्यथा देश का विकास रुक जाता है। मानव जाति का सबसे बड़ा दोष या अपराध कन्या भ्रूण हत्या है।

देश के अधिकतर रहवासी अल्ट्रासाउंड के माध्यम से बच्चा होने से पहले ही लिंग परीक्षण करवा देते है, अगर लड़की निकलती है तो उसे पैदा होने से पहले ही गर्भ में मरवा देते है। इन सब को रोकने के लिए ही देश के प्रधानमंत्री को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जागरूकता अभियान शुरू करना पड़ा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक ऐसा जागरूकता वाला अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या शिशु को बचाना और उनको शिक्षित करना है। इस अभियान का शुभारम्भ भारतीय सरकार के द्वारा 22 जनवरी 2015 को हरियाणा राज्य के पानीपत शहर में किया गया। इसके अंतर्गत कन्या शिशु के लिए जागरूकता का निर्माण करना और महिला कल्याण में सुधार लाना अभियान के प्रमुख बिन्दुओं में से एक है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की आवश्यकता क्यों पड़ी?

भारत में 2001 की जनगणना में 0-6 वर्ष के बच्चों का लिंगानुपात का आँकड़ा 1000 लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या 927 थी, जो कि 2010 कि जनगणना में घटकर 1000 लड़कों के अनुपात में 918 लड़कियाँ हो गई। सरकार के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया, इसलिए सरकार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शुरू करने की आवश्यकता महसूस हुई।

यूनिसेफ़ (UNICEF) ने भारत को बाल लिंगानुपात में 195 देशों में से 41वां स्थान दिया, यानि की हमारा देश लिंगानुपात में 40 देशों से पीछे है। अपनी रैंक में सुधार करने और कन्या शिशु को बचाने के लिए सरकार द्वारा सख्ती से योजना का शुभारम्भ किया गया।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का उद्देश्य

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के अस्तित्व को सुरक्षा प्रदान करना है और बेटियों के जन्म दर में बढ़ोतरी करना है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है, इसलिए हर चिकित्सालय में बाहर कन्या भ्रूण हत्या कानूनन अपराध है यह वाक्य देखने को मिलता है। लड़कियों के प्रति शोषण का खत्मा करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

उपसंहार

इस अभियान को जितना फैलाया जा सकता है उतना फैलाना होगा, जिससे हर गाँव, ढाणी और शहर में लड़कियों को हीन भावना से देखना बंद हो जाए। उन्हें पूरा सम्मान और पूरे अधिकार मिल सके।

एक बच्ची दुनिया में आकर सबसे पहले बेटी बनती है। वे अपने माता पिता के लिए विपत्ति के समय में ढाल बनकर खड़ी रहती है। बालिका बन कर भाई की मदद करती है। बाद में धर्मपत्नी बनकर अपने पति और ससुराल वालों का हर अच्छी बुरी परिस्थिति में साथ निभाती है।

स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि “नारी का उत्थान स्वयं नारी ही कर सकती है। कोई और उन्हें उठा नहीं सकता है। वह स्वयं उठेगी। बस, उठने में उसे सहयोग की आवश्यकता है और जब वह उठ खड़ी होगी तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती, वह उठेगी और समस्त विश्व को अपनी जादुई कुशलता से आश्चर्यचकित कर देगी।“

अंतिम शब्द

तो दोस्तों आज हमने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध के बारे में विस्तार से जाना हैं और मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को यह लेख पसंद आया होगा और आपके लिए हेल्पफुल भी होगा।

यदि आप को यह पोस्ट पसंद आई है तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ भी जरुर से शेयर करें। आर्टिकल को अंत तक पढने के लीयते आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!


Also Read:

Leave a Comment

x
10 Facts You Didn’t Know About Louise Fletcher (American Actress) रोहित शेट्टी के बारे में 10 ऐसी बाते जो आप नहीं जानते! 10 Facts You Didn’t Know About Xi Jinping 10 Facts You Didn’t Know About Kim Petras (Singer) 10 Facts You Didn’t Know About Sam Smith (Singer)