डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? | How To Open Demat Account In Hindi

डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो पहली बार निवेश करने के लिए शेयर मार्केट (Share Market) में कदम रखता हैं।

अगर आप भी एक नए निवेशक हैं और शेयर बाज़ार में निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट (Demat Account) खोलना चाहते हैं तो आज के इस लेख में आप को डीमैट अकाउंट कैसे खोलें (Demat Account Kaise Khole), का स्टेप-बाई-स्टेप प्रोसेस जानने को मिलेगा।

डीमैट अकाउंट एक बैंक खाते की तरह होता है जिसके जरिये आप आसानी से किसी भी कंपनी के शेयर खरीद व बेच सकते हैं। साथ ही आप अपने शेयर्स की परफॉरमेंस को भी आसानी से डीमैट अकाउंट में ट्रैक भी कर सकते हैं। डीमैट अकाउंट के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़े – डीमैट अकाउंट क्या होता है? – प्रकार और फायदे

तो चलिए शुरू करते हैं।

डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? | How To Open Demat Account In Hindi

डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? | How To Open Demat Account In Hindi
डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? | How To Open Demat Account In Hindi

डीमैट अकाउंट दो तरीकों से खोला जा सकता है: ऑफ़लाइन और ऑनलाइन। आइए सबसे पहले इस पर नजर डालते हैं कि आप डीमैट खाता ऑफ़लाइन कैसे खोल सकते हैं।

1. डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट का चयन करें

सबसे पहले आपको विभिन्न डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट अर्थात डीपी (जैसे – एंगल वन, ज़ेरोधा, आदि) द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और लाभों की तुलना कर अपनी आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त डीपी को चुनना हैं।

2. आवेदन पत्र भरें

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट अर्थात डीपी चुन लेने के बाद एक नया डीमैट खाता खोलने के लिए आपको एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके साथ ही, आपको पहचान प्रमाण पत्र, पता प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, बैंक विवरण और अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे केवाईसी दस्तावेजों की एक सूची जमा करनी होगी।

3. सत्यापन प्रक्रिया

नैतिक और कानूनी व्यापार सुनिश्चित करने के लिए, और डीमैट खाते और विभिन्न परिचालनों के संबंध में आपके मन में मौजूद किसी भी संदेह को दूर करने के लिए, आपको नियमों और विनियमों की एक सूची दी जाएगी। डीपी आपका और आपके केवाईसी दस्तावेजों का व्यक्तिगत सत्यापन करेगा। आपको डीमैट खाता खोलने से संबंधित सभी आवश्यक शुल्कों का भुगतान करना होगा। शुल्क डीपी की मौजूदा नीति पर निर्भर करते हैं। अलग-अलग डीपी के लिए शुल्क अलग-अलग होते हैं।

4. अंतिम स्वीकृति

एक बार जब आपके दस्तावेज़ सत्यापित हो जाते हैं, और अंतिम औपचारिकताएँ पूरी हो जाती हैं, तो आपका नया डीमैट खाता खोल दिया जाएगा। आपको अपने खाते के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या भी दी जाएगी।

ऑनलाइन डीमैट अकाउंट कैसे खोलें

ऑनलाइन डीमैट अकाउंट खोलने के चरण इस प्रकार हैं:

  1. सबसे पहले अपने पसंदीदा डीपी (जैसे – एंगल वन, ज़ेरोधा, आदि) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. अपना नाम, फ़ोन नंबर और निवास का शहर पूछने वाला सरल लीड फ़ॉर्म भरें।
  3. इसके बाद आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।
  4. अगले फॉर्म पर जाने के लिए ओटीपी दर्ज करें।
  5. अपना केवाईसी विवरण जैसे जन्म तिथि, पैन कार्ड विवरण, संपर्क विवरण, बैंक खाता विवरण भरें।
  6. आपका डीमैट खाता अब खुल गया है! आपको अपने ईमेल और मोबाइल पर डीमैट खाता संख्या जैसे विवरण प्राप्त होंगे।

एक निवेशक के पास कई डीमैट खाते हो सकते हैं। ये खाते एक ही डीपी के पास या अलग-अलग डीपी के पास हो सकते हैं। जब तक निवेशक सभी आवेदनों के लिए आवश्यक केवाईसी विवरण प्रदान कर सकता है, तब तक वे कई डीमैट खाते खोल सकते हैं।

डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज

एक डीमैट खाता खोलने के लिए आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, जोकि निम्नलिखित हैं-

  • पहचान का प्रमाण – पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आईटी रिटर्न,  मतदाता आईडी, आदि में से कोई भी एक।
  • पते का प्रमाण – मतदाता आईडी, राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, आदि में से कोई भी एक।
  • इनकम का प्रमाण: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR), हाल ही की सैलरी स्लिप, मौजूदा बैंक का बैंक अकाउंट स्टेटमेंट या कैंसल किया गया पर्सनलाइज़्ड चेक की फोटोकॉपी।

डीमैट खाता शुल्क

शुल्क डीपी और उनकी नीति पर निर्भर करते हैं। आमतौर पर निम्नलिखित शुल्क लगते हैं-

  • खाता खोलने का शुल्क
  • एक वार्षिक रखरखाव शुल्क
  • एक अभौतिकीकरण शुल्क
  • डीपी द्वारा किए गए प्रत्येक लेनदेन पर लेनदेन शुल्क/कमीशन

अंतिम शब्द

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने डीमैट अकाउंट कैसे खोलें (How To Open Demat Account In Hindi), के बारे में भी विस्तार जाना हैं। मैं आशा करता हूँ की आप सभी को हमारा यह आर्टिकल जरुर से पसंद आया होगा।

अब यदि आपको यह लेख पसंद आया हैं और इससे कुछ भी नया सिखने को मिला हो तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ भी जरुर से शेयर करें।

आर्टिकल को अंत तक पढने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!

सुधांशु HindiQueries के संस्थापक और सह-संस्थापक हैं। वह पेशे से एक वेब डिज़ाइनर हैं और साथ ही एक उत्साही ब्लॉगर भी हैं जो हमेशा ही आपको सरल शब्दों में बेहतर जानकारी प्रदान करने के प्रयास में रहते हैं।

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