सेवा धर्म | Moral Stories in Hindi

नमस्कार दोस्तो, Hindi Queries में आपका स्वागत है। यहाँ पर आपको Moral Stories, Moral Stories in Hindi, Moral Stories in Hindi Short, Short Moral Stories in Hindi और भी स्टोरी मिलेंगे।

सेवा धर्म | Moral Stories in Hindi

एक साधु स्वामी विवेकानन्द जी के पास आया।अभिवादन करने के बाद उसने स्वामी जी को बताया कि वह उनके पास किसी विशेष काम से आया है।

“स्वामी जी, मैने सब कुछ त्याग दिया है,मोह माया के बंधन से छूट गया हूँ परंतु मुझे शांति नहीं मिली। मन सदा भटकता रहता है।

एक गुरु के पास गया था जिन्होंने एक मंत्र भी दिया था और बताया था कि इसके जाप से अनहदनाद सुनाई देगा और फिर शांति मिलेगी। बड़ी लगन से मंत्र का जाप किया,फिर भी मन शांत नहीं हुआ।

Moral Stories in Hindi

अब मैं परेशान हूँ।” इतना कहकर उस साधु की आँखे गीली हो गई। “क्या आप सचमुच शान्ति चाहते हैं”,विवेकानन्द जी ने पूछा।

बड़े उदासीन स्वर में साधु बोला ,इसीलिये तो आपके पास आया हूँ। स्वामी जी ने कहा,”अच्छा,मैं तुम्हें शान्ति का सरल मार्ग बताता हूँ।

इतना जान लो कि सेवा धर्म बड़ा महान है।घर से निकलो और बाहर जाकर भूखों को भोजन दो,प्यासों को पानी पिलाओ,विद्यारहितों को विद्या दो और दीन,दुर्बल,दुखियों एवं रोगियों की तन,मन और धन से सहायता करो।

सेवा द्वारा मनुष्य का अंतःकरण जितनी जल्दी निर्मल,शान्त,शुद्ध एवं पवित्र होता है,उतना किसी और काम से नहीं।

Moral Stories in Hindi

ऐसा करने से आपको सुख,शान्ति मिलेगी।” साधु एक नए संकल्प के साथ चला गया।

उसे समझ आ गयी कि मानव जाति की निः स्वार्थ सेवा से ही मनुष्य को शान्ति प्राप्त हो सकती है।

यदि आपको सेवा धर्म | Moral Stories in Hindi article पसंद आया और कुछ नया सिखने को मिला तो इसको अपने मित्रो के साथ शेयर करना ना भूले। इस आर्टिकल को आप ज्यादा से ज्यादा लोगो के पास पहुचाये जिस से उन सभी को लाभदाई हो सके

इस पोस्ट को अपने मित्रों के साथ Social Networks जैसे कि WhatsApp, Facebook और Twitter इत्यादि पर share कीजिये, तो मिलते है किसी नए रोमांचक Article के साथ ।

Leave a Reply