डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में 10 ऐसी बाते जो आप नहीं जानते!

By HindiQueries

अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को एक तमिल-मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम है। इतना लम्बा नाम होने के कारण ही उन्हें एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से मुख़्य तौर पर जाना जाता है।

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वह जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक प्रधान मंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के सचिव थे। पोखरण-2 नुक्लिअर टेस्ट इस अवधि के दौरान किए गए थे, जिसमें उन्होंने एक इम्पोर्टेन्ट पोलिटिकल और टेक्निकल भूमिका निभाई थी।

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उनका जन्म बहुत गरीब परिवार में हुआ था और अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए, कलाम अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान समाचार पत्र बांटते थे।

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एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। वह भारत के पहले स्नातक राष्ट्रपति भी थे। उनका कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक रहा था।

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आपको जानकर हैरानी होगी कि एपीजे अब्दुल कलाम को देश-विदेश के 48 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली थी।

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वे भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे. जिन्हें यह पद मिलने से पहले ही भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका था। इससे पहले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. जाकिर हुसैन को भी राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका था। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को 1997 में भारत रत्न मिला, जबकि वे 2002 में राष्ट्रपति बने थे।

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उनकी आत्मकथा विंग्स ऑफ फायर: एन ऑटोबायोग्राफी पहली बार अंग्रेजी में प्रकाशित हुई थी। बाद में इसका फ्रेंच और चीनी सहित 13 भाषाओं में अनुवाद किया गया। उनके जीवन और कार्यों पर इसके अलावा छह और आत्मकथाएं हैं।

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दो नेताओं को भारतीय बच्चों का चहेता बताया जाता है। लोग प्रधान मंत्री नेहरू को चाचा नेहरू के रूप में जानते थे। वहीं कलाम ऐसे राष्ट्रपति थे जो बच्चों के बीच बहुत फेमस थे एपीजे अब्दुल कलाम को अपना समय बच्चों के बीच बिताना बहुत पसंद था।

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27 जुलाई 2015, शिलोंग IIM में एक कार्यक्रम में जब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम स्पीच दे रहे थे तभी अचानक कार्डियेक अरेस्ट आने की वजह से उनका देहांत हो गया।

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उनके देहांत के बाद कार्यक्रम में मौजूद उनके एक सहयोगी ने बताया कि उनके आखिरी शब्द थे- ‘फनी गाएज, आर यू डूइंग वैल?’

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डॉo एपीजेo अब्दुल कलाम का जीवन परिचय